صیاد بینشانی پرواز رنگ ما شد
صیاد بینشانی پرواز رنگ ما شد
آن پر که داشت عنقا صرف خدنگ ما شد
сиод бе-нашони паравоз ранг мо шуд
он пур ки дошт ъанқо сарф хаданг мо шуд
روزی که اعتبارات سنجید نقد ذرات
رنگ پریده هرجا گل کرد سنگ ما شد
рузи ки аъатаборот санҷид нақад зарот
ранг парида ҳараҷо гул кард санг мо шуд
کم پایی طلب ماند ناقص خرام تحقیق
راه جهاد مسدود از کفش تنگ ما شد
кам пойай талаб монд ноқас харом таҳақиқ
ро ҷаҳод масадуд аз кафаш танг мо шуд
در فکر دل فتادیم، راحت ز دست دادیم
صافی کدورت انگیخت آیینه زنگ ما شد
дар факар дил фтодим, роҳат з даст додим
софи кадурт ангихт оина занг мо шуд
حیران ناتوانی ماندیم و عمر بگذشت
رنگ شکستهٔ ما قید فرنگ ما شد
ҳирон нотавони мондим ва умр багазашт
ранг шакаста мо қид фарнаг мо шуд
در وادی املها کوشش نداشت تقصیر
کمفرصتی قدم زد تا عذر لنگ ما شد
дар води амалаҳо кушаш ндошт тақасир
камафарасти қадам зд то ъазар ланг мо шуд
رنگ بهار هستی تکلیف صد جنون داشت
هر سبزهای که گل کرد زین باغ بنگ ما شد
ранг бҳор ҳастӣ такалиф сад ҷанун дошт
ҳар сабаза-эй ки гул кард зин боғ банг мо шуд
اندوه بیدماغی درهم شکست ما را
مینا تهی شد از می چندانکه سنگ ما شد
андуа бидамоғи дараҳам шакаст мо ро
мино таҳи шуд аз мӣ чандонака санг мо шуд
دل برده بود ما را آن سوی نیستیها
افسانهٔ قیامت چندی درنگ ما شد
дил барда буд мо ро он савай нисти-ҳо
афасона қиёмат чанди дарнаг мо шуд
گر فهم راز کردیم یا چشم باز کردیم
بر هر چه ناز کردیم سامان ننگ ما شد
гар фаҳам роз кардим йо чашм боз кардим
бар ҳар ча ноз кардим сомон нанг мо шуд
چون شمع سیر این بزم با ما نساخت بیدل
مژگان گشودن آخر کام نهنگ ما شد
чун шамъ сир ин базм бо мо насохт бидел
мажагон гашудан охар ком наҳанг мо шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.